खयाल

अगर कुछ इंसान चांद पे रहते

क्या उन्हें याद आती अपने धरती की

क्या उन्हें याद आती अपने माँ की


माना कि तरक्की कर ली इंसानो ने

लेकिन कोई कभी ना रहा अपनी माँ से दूर

कभी ना सोचा होगा, होगा एक घर

बिन आसमान का

आसमान में उड़ते पछियों का


हां मिलेंगे उड़ते यान यहा वहा

पर ना होगा इन्द्रधनुष वहा

वहा तो होंगे बस दिन या रात

पर दोनों ना मिलेंगे एकसाथ


होगी भीड़ और बड़ी गाडियां

पर ना होंगे पेढ़ पौधे और हसीन वादियां

क्या वहा भी करेंगे खडी दीवारें बड़ी

क्या होगा झगड़ा वहा


क्या उन्हें याद आती अपने धरती की

क्या उन्हें याद आती अपने माँ की

अगर कुछ इंसान चांद पे रहते

64 views
  • Facebook
  • Instagram
  • YouTube

©2020 HorizonSkip